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अफवाहों की दुनियाँ

तीन दिन पहले घर आते हुए कानों में एक आवाज आई थी कि- कि हाल चाल बौआ (क्या हाल है बाबू) हमने भी झट कह दिया- ठीक छै (ठीक है)। अगले ही पल उन्होंने ने ये कहा कि हाँ आई भरि त ठीक छै (आज भर तो ठीक ही हैं) मैने पूछा किया काइल कि हैत (क्यों कल क्या होगा)? उन्होंने कहा कि ग्रह चल रहा है कोरोना नामक इसको भगाने के लिए हेलीकॉप्टर से दवा छिड़काव किया जाएगा। मैंने तो तत्काल उसे टाल दिया मज़ाक में लेकिन बाद में काफी सोचा। मैं कुछ निष्कर्षों पर पहुँचा था कि किस तरह से सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर हमारे समाज को भटकाया जाता है। पहला अपवाह ये था कि अगर 22 मार्च को हम जनता कर्फ्यू  का पालन कर लेंगें तो यह कोरोना भाग जाएगा। दूसरा कि कोरोना के लिए तालियाँ और थालियाँ पीटी जा रही थी। और तीसरा कि हेलीकॉप्टर से से दवा का छिड़काव किया जाएगा। और भी बहुत तरह की अपवाहें उड़ रही थी। मैं समझ रहा था कि ये लोग सब मूर्ख हैं लेकिन मुझे ये नहीं पता था कि सबसे बड़ा मूर्ख मैं हूँ। हो सकता है कि ये लोग मुझे गलत समझे और मैं इन्हें गलत समझता हूँ लेकिन सभी मुद्दों पर दोनों गलत नहीं हो सकते हैं। इसी बीच एक नाम अंग्रेजी में का...

सट्टा बाजार

2 अप्रैल 2011 तो आपको याद ही होगा। यदि आपको याद नही तो मै याद दिलाता हूँ Mahendra singh dhoni के द्वारा वर्ल्ड कप फाइनल में वानखेड़े में कुलासेकरा को लगाया गया वो छक्का। अगले ही पल खुशी मुम्बई से लेकर पूरे भारत में करेंट की तरह फैल गयी,और क्यो ना खुशी हो भारत 28 साल के बाद चैंपियन जो बना था।          अगर उन दिनों की बात की जाय तो हमारे गाँव में क्रिकेट का ज्ञान बिल्कुल शून्य था। जीतना क्या,लोग  भारतीय टीम के 5-7 खिलाड़ियों को छोड़ कर किसी को नही पहचानते थे, यहाँ तक की Virat Kohli , Ravichandran Ashwin (जो वर्तमान में भारतीय टीम के रीढ़ है और ipl में अपनी-अपनी टीम की कप्तानी कर विपक्षी टीम को परास्त करने में माहिर हैं) को बिल्कुल नही जानते थे। ये तो खैर टीम में उस समय नये थे लेकिन मुनाफ़ पटेल (हमारे भारतीय टीम के पूर्व तेज़ गेंदबाज इनका वर्ल्ड कप के दौरान काफी बढ़िया प्रदर्शन था) यदि उनको गेंदबाजी करते देखते थे तो ये लोग कहते थे की निरहुआ (भोजपुरी सुपर स्टार) आ गया ऐसा कहा जाता था उनके बारे में। अर्थात जहाँ भारतीय टीम के खिलाड़ियों से ज्यादा भोजपुरी फिल्म के हीर...